"कोल्हापुर की देवी महालक्ष्मी का पौराणिक इतिहास"
कोल्हापुर, महाराष्ट्र में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थान है, जो महालक्ष्मी देवी (कभी-कभी "महादेवी" भी कहा जाता है) के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यह देवी को हिंदू धर्म की शक्ति (शक्तिपीठ) के रूप में पूजा जाता है।
🌺 कोल्हापुर महालक्ष्मी देवी का इतिहास व महत्त्व:
- यह मंदिर 1000 से भी अधिक साल पुराना है।
- महालक्ष्मी देवी को अंबाबाई भी कहा जाता है।
- यह मंदिर भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहाँ सती देवी का त्रिनेत्र (तीसरी आंख) गिरा था, ऐसी मान्यता है।
- देवी लक्ष्मी को यहाँ शक्ति रूप में पूजा जाता है, न कि केवल विष्णु की पत्नी के रूप में।
- मान्यता है कि जब भगवान विष्णु तिरुपति (आंध्रप्रदेश) में रहते हैं और देवी लक्ष्मी कोल्हापुर में, तब साल में एक बार वह मिलने आते हैं।
🌼 महालक्ष्मी देवी की मूर्ति की विशेषता:
- मूर्ति काले पत्थर की बनी है, जिसकी ऊँचाई लगभग 3 फीट है।
- देवी की चार भुजाएँ हैं और वे हाथों में त्रिशूल, पाश, ढाल और घंटा धारण करती हैं।
- सिंह पर सवार हैं – जो शक्ति का प्रतीक है।
- उनके मुकुट में श्री यंत्र अंकित है।
🛕 त्योहार और पूजा:
- नवरात्रि में यहाँ भव्य उत्सव मनाया जाता है।
- किरणोत्सव (सूरज की किरणें सीधे देवी के चेहरे पर पड़ती हैं) – यह विशेष खगोलीय घटना साल में दो बार होती है।
- हजारों श्रद्धालु हर दिन दर्शन के लिए आते हैं।
अगर आप "महादेवी हती" से कोई और देवी या कहानी पूछ रहे थे, तो कृपया थोड़ी जानकारी और दें (जैसे – स्थान, किस संदर्भ में, कहानी का भाग आदि), ताकि मैं सही जानकारी दे सकूं।