10,000 लोगों का पोर्टिंग क्यों नहीं?
10,000 लोगों का पोर्टिंग क्यों नहीं? आपने उल्लेख किया कि 10,000 लोगों ने Jio से सिम पोर्ट किया है — लेकिन मीडिया रिपोर्ट में ऐसा कोई आंकड़ा नहीं मिलता है। वास्तविकता यह है कि यह बहिष्कार नंदणी गांव तक सीमित है , जिसमें कुछ गांववासियों ने भाग लिया — पूरे 10,000 लोगों का जिक्र पुरानी सूचनाओं या अफवाहों पर आधारित हो सकता है। कैसे शुरू हुआ? घटना विवरण 📍 स्थान नंदणी गाँव, कोल्हापूर (महाराष्ट्र) 🐘 विवाद महादेवी हाथिनी को वनताऱ्यात स्थानांतरित करना ✍️ निर्णय & रोक ग्रामपंचायत ने विरोध में “Jio Ban” का निर्णय लिया 📱 प्रतिक्रिया Jio की सेवाएं बंद करने और SIM पोर्ट करने की पहल कुल मिलाकर: इस बहिष्कार का मूल कारण सामाजिक और भावनात्मक है — हाथिनी महादेवी से जुड़ी भावनात्मक आस्था। यह व्यापक नेटवर्क समस्या या 10,000 लोगों की पोर्टिंग जैसी कोई पूरी तरह तथ्यात्मक चीज़ नहीं बल्कि सीमित स्तर की स्थानीय प्रतिक्रिया है